शबाना आजमी ने की बहिष्कार की अपील, और साधा स्मृति ईरानी की चुप्पी पर निशाना

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मुम्बई। 20 नवंबर 2017 से शुरू होने जा रहा फिल्म उत्सव आईएफएफआई 2017 पहले से ही विवादों में घिरा हुआ है। फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी के बयान के बाद आईएफएफआई 2017 एक बार फिर से विवादों में उलझता नजर आ रहा है।

शबाना आजमी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर अपील करते हुए कहा, ​’​संजय लीला भंसाली पर हमले और दीपिका पादुकोण का नाक काटने की धमकियों के विरोध में पूरे फिल्म जगत को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टीवल आॅफ इंडिया 2017 का बहिष्कार करना चाहिये।’

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री और पूर्व अभिनेत्री स्मृति ईरानी की चुप्पी पर निशाना साधते हुए शबाना आजमी ने कहा, ‘स्मृति ईरानी आईएफएफआई की तैयारियों में लगी हुई है, क्योंकि फिल्म जगत देश के लिए सम्मान लेकर आता है। लेकिन, फिल्म पद्मावती विवाद को लेकर चुप हैं’।

उर्दू शायर कैफ़ी आजमी की बेटी और जावेद अख़्तर की पत्नी शबाना आजमी ने कहा, ‘यह वैसा ही है, जैसे साल 1989 में सफदर हाशमी की हत्या के बाद दिल्ली में एचकेएल भगत और कांग्रेस आईएफएफआई का जश्न मना रही थी। संस्कृति का विनाश!’।

जानकारी के अनुसार इस फिल्म उत्सव की शुरूआत माजिद माजिदी की फिल्म बियोंड द कलाउड्स से होगी।

हाल ही में सुजॉय घोष, अपूर्व असरानी और ज्ञान कुरिया ने ज्यूरी से इस्तीफा दिया था, क्योंकि मंत्रालय ने ज्यूरी से चर्चा किए के ​बिना ही दो फिल्मों न्यूड और एस दुर्गा को ​फिल्म उत्सव से बाहर कर दिया था।