अलविदा कह गया रंगीला राइटर नीरज वोरा, मां के साथ चोरी चोरी फिल्में देखकर हुआ था बड़ा!

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हेराफेरी और गोलमाल जैसी सफल फिल्मों की पटकथा लिखने वाले लेखक, अभिनेता और निर्देशक नीरज वोरा ने गुरूवार की सुबह चार बजे क्रिटी केयर अस्पताल में अंतिम सांस ली। नीरज वोरा पिछले एक साल से कोमा में थे। कुछ महीने पहले ही नीरज वोरा को दिल्ली के एक अस्पताल से फिल्म निर्माता फिरोज नाडियाडवाला के घर पर तैयार किए अस्थायी आईसीयू में स्थानांतरित किया गया था। फिल्मकार नीरज वोरा की देखभाल करने का जिम्मा फिल्म निर्माता फिरोज नाडियाडवाला ने अपने कंधों पर उठा रखा था।

मां के साथ चोरी चोरी फिल्म देखने जाना
नीरज वोरा के पिता पंडित विनायक राय नाना लाल वोरा मशहूर तार शहनाई वादक थे। पंडित जी का रंगमंच के कलाकारों के साथ अच्छा संबंध था। ऐसे में नीरज वोरा रंगमंच के लोगों के संपर्क में बहुत छोटी सी उम्र में आ गए। मगर, नीरज वोरा के​ पिता फिल्मी संगीत और फिल्मों को देखना पसंद नहीं करते थे। यहां तक कि घर पर रेडियो पर फिल्मी गाने तक सुनने की मनाही थी। लेकिन, नीरज वोरा की मां पर्मिला बेन वोरा को फिल्में देखने का बहुत शौक था। प्रवीणा अपने पति से आंख बचाकर फिल्म देखने जाती थीं और उनके साथ नीरज वोरा भी जाते। ऐसे नीरज वोरा पर फिल्मों का रंग चढ़ने लगा।

रंगमंच और फिल्मी दुनिया में कदम
पिता की मनाही के बावजूद भी नीरज वोरा रंगमंच की दुनिया में धीरे धीरे कदम बढ़ाते चले गए। युवावस्था में फिल्मी दुनिया में जाने का मन हुआ। फिल्मी बैकग्राउंड से न होने के कारण शुरू में नीरज वोरा को फिल्म जगत में किसी ने काम नहीं दिया। नीरज वोरा निराश हुए और रंगमंच की दुनिया में कुछ करने की सोचने लगे। पर, एक दिन केतन मेहता ने उनका नाटक देखते हुए उनको अपनी अगली फिल्म में कास्ट करने का फैसला लिया। ऐसे में नीरज वोरा को पहली बार फिल्म होली में आमिर खान के साथ काम करने का मौका मिला। दिलचस्प बात तो यह है कि यह नीरज वोरा की ही नहीं बल्कि आमिर खान, आशुतोष गोवरिकर की भी ​पहली फिल्म थी।

अभिनेता का लेखक हो जाना
नीरज वोरा को होली के बाद छोटे मोटे किरदार मिलने लगे। नीरज वोरा बातौर अभिनेता अपने काम से खुश न हुए। नीरज वोरा रंगमंच के साथ ही जीवन को आगे बढ़ाने की सोचने लगे। तभी आशुतोष गोवरिकर ने नीरज वोरा को खुद की फिल्म बनाने का आइडिया दिया। नीरज वोरा को आशुतोष गोवरिकर की बात पसंद आई। नीरज वोरा ने पहला नशा में लिखने की जिम्मेदारी संभाली, आशुतोष गोवरिकर ने निर्देशन की और दीपक तिजोरी ने अभिनय की। हालांकि, फिल्म पहला नशा सफल न हो सकी।

इसके बाद नीरज वोरा ने आशुतोष गोवरिकर की बाजी के लिए लिखना शुरू किया। एक दिन सेट पर फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा आमिर खान से मिलने पहुंचे। नीरज वोरा का लिखा एक कॉमेडी सीन पढ़कर राम गोपाल वर्मा ने अपनी अगली फिल्म रंगीला में संवाद लिखने की पेशकश की।

रंगीला में संवाद लिखने के साथ साथ नीरज वोरा ने अभिनय भी किया। इस फिल्म में अभिनय का मौका नीरज वोरा को किस्मत से ही मिला। दरअसल, जिस कलाकार के लिए सीन लिखा गया था। वह कलाकार उस दिन बीमार होने के कारण शूटिंग पर नहीं आ सका। ऐसे में राम गोपाल वर्मा ने नीरज वोरा को अभिनय के मैदान में भी उतार दिया।

छोटा सीन बड़ा धमाका
फिल्म रंगीला में नीरज वोरा का अभिनय देखने के बाद फिल्म निर्देशक प्रियदर्शन ने नीरज वोरा को फिल्म विरासत में काम करने की पेशकश दी। इस फिल्म के लिए नीरज वोरा को खुद अनिल कपूर ने टेलीफोन करके अप्रोच की थी और नीरज वोरा ने झटपट हां कर दी। फिल्म विरासत के सेट पर प्रियदर्शन और नीरज वोरा की ऐसी दोस्ती हुई कि फिल्मकार प्रियदर्शन ने अपनी अगली फिल्म हेरा फेरी लिखने का जिम्मा नीरज वोरा को दिया। फिल्म हेरा फेरी के बाद नीरज वोरा ने रोहित शेट्टी की गोलमाल लिखी। दोनों ही फिल्मों ने नीरज वोरा को स्टार लेखक बना दिया।

निर्देशक के रूप में
अभिनय और लेखन के बाद नीरज वोरा ने निर्देशन की दुनिया में अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म खिलाड़ी 420 से कदम रखा। साल 2006 में फिर हेरा फेरी का निर्देशन किया। छोटे बजट की एक दो फिल्में करने के बाद नीरज वोरा ने हेरा फेरी 3 बनानी शुरू की, जिसकी शूटिंग 40 फीसद से आगे न बढ़ सकी। इस बीच फिल्म निर्देशक नीरज वोरा अक्‍टूबर 2016 में ब्रेन स्‍ट्रोक का शिकार हो गए।

फिरोज नाडियाडवाला ने निभायी दोस्ती
अक्टूबर 2016 में ब्रेन स्ट्रोक के बाद नीरज वोरा को कई महीनों तक दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती रखा गया। दिल्ली में नीरज वोरा के अधिक दोस्त नहीं थे। ऐसे में फिरोज नाडियाडवाला ने मार्च 2017 के अंतिम दिनों में नीरज वोरा को अपने घर बरकत में लाने का फैसला लिया और घर के एक कमरे को आईसीयू में तब्दील करवाया। बरकत में शिफ्ट करने के बाद 24 घंटे एक नर्स, वॉर्ड ब्वॉय और कुक नीरज वोरा की देखरेख में तैनात रहता था।

कुछ दिन पहले नीरज वोरा की तबीयत काफी ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद नीरज वोरा को इलाज के लिए क्रिटी केयर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। आज बाद दोपहर बहुमुखी नीरज वोरा का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

गौरतलब है कि नीरज वोरा का जन्म गुजरात के भुज में 22 जनवरी 1963 में हुआ। नीरज वोरा के पिता पंडित विनायक राय नाना लाल वोरा मशहूर तार शहनाई वादक थे। नीरज वोरा की ​पढ़ाई लिखाई मुम्बई में हुई। आशुतोष गोवरिकर, दीपक तिजोरी के अलावा  और भी बहुत सारे कलाकार नीरज वोरा के कॉलेजमेट रहे हैं।

कुछ इनपुट फिल्म समीक्षक रचित मेहरोत्रा की इंटरव्यू से