देखें या नहीं ? निल बटे सन्‍नाटा

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अश्विनी अय्यर तिवारी द्वारा निर्देशित फिल्‍म ‘निल बटे सन्‍नाटा’ रिलीज हो चुकी है। फिल्‍म मां बेटी के रिश्‍ते पर आधारित है। फिल्‍म में अभिनेत्री स्वरा भास्कर, रत्ना पाठक, पंकज त्रिपाठी और रिया शुक्ला जैसे कलाकार हैं। इस फिल्‍म का निर्माण ‘तनु वेड्स मनु’ और ‘रंझना’ जैसी फिल्‍मों का निर्देशन कर चुके आनंद एल.राय ने किया है।

यदि कहानी की बात करें तो फिल्म की कहानी है चंदा (स्वरा भास्कर) और उसकी बेटी अपेक्षा (रिया शुक्ला) के ईदगिर्द घूमती है। बाई का काम कर अपना घर चलाने वाली चंदा की बेटी पढ़ने लिखने में अधिक ध्‍यान नहीं देती, क्‍योंकि उसको लगता है कि उसको पढ़ने लिखने के बाद भी कोई बड़ी नौकरी नहीं मिलेगी और एक बाई की इतनी क्षमता नहीं कि उसको किसी बड़े कॉलेज या शिक्षा संस्‍थान में भेज सके। इस दौरान चंदा अपनी बात अपनी मालकिन (रत्‍ना पाठक) के सामने रखती है, जो चंदा को ही पढ़ाई शुरू करने की सलाह दे देती है। इसके बाद कहानी में कुछ उतार चढ़ाव आते हैं, जो देखने लायक हैं।

Nil Battey Sannata

यदि निर्देशन की बात करें तो फिल्‍म ‘निल बटे सन्‍नाटा’ अश्विनी अय्यर तिवारी का निर्देशन क्षेत्र में डेब्‍यु प्रोजेक्‍ट है। मगर, फिल्‍म देखते हुए महसूस नहीं होता कि फिल्‍म का निर्देशन बिल्‍कुल नए हाथों में है। अश्‍विनी ने हर किरदार के साथ इंसाफ करते हुए एक साधारण कहानी को बड़े उम्‍दा तरीके से पेश किया है।

भले ही पहले अपने किरदार को लेकर स्‍वरा भास्‍कर असहज रहीं हों, मगर फिल्‍म में चंदा के किरदार को स्‍वरा भास्‍कर ने पूरी तरह जीवित कर दिया। रिया शुक्ला ने भी काफी बेहतरीन अभिनय किया है। पंकज त्रिपाठी और रत्ना पाठक शाह तो मंझे हुए कलाकार हैं, उनके अभिनय पर तो शक किया ही नहीं जा सकता।

‘निल बटे सन्नाटा’ कुल मिलाकर एक अच्‍छी फिल्‍म है। ऐसी फिल्‍मों को देखना चाहिए। इस फिल्‍म की हर चीज उम्‍दा है, अभिनय हो, कहानी हो या फिर निर्देशन। हमारी तरफ से फिल्‍म को साढ़े तीन सितारे दिए जाते हैं। हालांकि, यह बात सब पर लागू नहीं होती, क्‍योंकि सब का अपना अपना नजरिया होता है।